Mp News:जेल में वीडियो रिकॉर्ड करने वालों की अब खैर नहीं देखें पूरी रिपोर्ट
Mp News:महू उप जेल में फैली अराजकता और कानून की उड़ती धज्जियां अब जांच के घेरे में आ गई है। कैदी राजेंद्र चौहान द्वारा की गई शिकायत के बाद जहां कल उप जेलर को निलंबित कर दिया गया है।वहीं कैदी के पास उक्त मामले का वीडियो कहां से पहुंचा किसने रिकॉर्ड किया इसकी भी जांच की जा रही है, पूरे मामले की जांच एसडीएम को सौंपी गई है। अपनी आप बीती सुनाने वाले महू उप जेल में 7 साल तक सजा काटकर वापस लौटे कैदी से भी पूछताछ की जायेगी।
Mp News:एडीएम रोशन राय को महु उप जेल से सजा काटकर लौटे कैदी ने शिकायती आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी। राजेंद्र चौहान ने उसके साथ हुई मारपीट की शिकायत लिखित में देने के साथ ही एक वीडियो भी दिखाया था जिसमें उप जेलर मनोज चौरसिया कैदियों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे थे। अग्निबाण ने उक्त मामले को 30 जनवरी को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था, जिसके बाद पूरे मामले की जांच क्षेत्र के एसडीएम को सौंपी गई है। अब आगे की जांच एसडीएम राकेश परमार करेंगे।
जेल अधीक्षक को भी शिकायत भेजी
Mp News:कलेक्टर राय ने उक्त मामले की जांच के लिए एसडीएम महू को निर्देश दिए थे वही मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जेल अधीक्षक को भी शिकायत भेजी थी। जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने वीडियो सामने आने के बाद उप जेलर मनोज चौरसिया को निलंबित कर दिया है। वीडियो में एक कैदी को उप जेलर चौरसिया ने अपने पैरों से मारा और उसकी गर्दन दोनों पैरों के बीच फंसा ली थी।वीडियो में जेल प्रहरी दया किशन कुशवाहा और सिपाही महेंद्र कुशवाहा भी नजर आए थे।
Mp News:शिकायतकर्ता चौहान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उप जेलर चौरसिया ने कैदी से मोटी रकम की मांग की,जब कैदी भुगतान नहीं कर पाया तो फिर उसे बेरहमी से पीटा। उप जेलर द्वारा की जाने वाली मारपीट के समाचार को अग्निबाण ने प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए जेल में कैदियों को वीआईपी सुविधाएं देने की बात उठाई थी। जेल में बंद कैदी ने जेल में अंदर होने वाली घटनाओं की वीडियो किस आधार पर बना ली अंदर मोबाइल फोन किसकी अनुमति से पहुंचा यह सब एक गंभीर सवाल है इसको लेकर भी जांच की जाएगी।
कई बार उप जेल महू चर्चा में आ चुका है
Mp News:की चौरसिया लंबे समय से महू जेल में पदस्थ हैं। पूर्व में भी उनके विरुद्ध अवैध रूप से वसूली और कैदियों को कई तरह की सुविधा उपलब्ध कराने के आरोप लग चुके हैं।आरोप तो यह भी है कि यहां कैदियों को नशे का सामान भी उपलब्ध कराया जाता है और कैदी आराम से कहीं भी घूम फिर सकते हैं उन्हें जैसी रकम उसके अनुसार खान-पान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। चौरसिया के विरुद्ध की गई कार्रवाई के साथ ही अब जेल में कैदियों को दी जाने वाली सुविधा और वहां बनाई गई वीडियो को लेकर भी जांच होगी। किस तरह से कोई कैदी जेल के अंदर कैमरा या मोबाइल लेकर पहुंचा और जेलर की वीडियो तैयार कर लिया। यह भी जांच का विषय रहेगा की यहां किस-किस तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी।