Mp news : वन क्षेत्र में गोवंश चराना चाहते थे ग्रामीण, वन विभाग की टीम ने रोका तो कर दिया हमला,
मारपीट कर गाड़ी भी फोड़ी, 45 के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश
Mp news : उज्जैन जिले के अंतर्गत गौवंश को ग्राम गुराडिया गुर्जर के जंगल में न छोड़ने को लेकर वन रक्षक ग्रामीणों को कई बार समझाईश दे चुके थे लेकिन इसके बावजूद भी जब ग्रामीणों ने गौवंशों को जंगल में छोड़ा तो वन्य कर्मियों ने ग्रामीणों को फिर ऐसा न करने की सलाह दी लेकिन इस बार ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने वन रक्षकों पर ही हमला कर डाला। इसी बात के दौरान ग्रामीणों ने वंरक्षकों के साथमरपीट मारपीटकी और साथ ही उनकी गाड़ी भी फोड़ डाली। इसी विवाद का एक वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। पूरे मामले में माकड़ौन थाना पुलिस ने 45 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
Mp news : पूरा मामला कुछ इस प्रकार है कि माकड़ौन स्थित ग्राम गुराड़िया गुर्जर के वन क्षेत्र में कुछ लोग मवेशियों को जबरदस्ती वन क्षेत्र में घुसाकर चराना चाहते थे। इस बात कीजनकारी वन विभाग की टीम को लगी तो वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को मवेशियों को छोड़ने से मना किया। बस इसी बात पर विवाद होने पर ग्रामीणों ने वन रक्षकों पर लाठियों से हमला कर शासकीय वाहन भी फोड़ दिए। पुलिस के मुताबिक वनकर्मी विजेंद्र ठाकुर, सतीश शर्मा और संदीप प्रजापति ओर लोकेश राठौर गश्त कर रहे थे।
जिनसे ग्रामीण विनोद गुर्जर और उसके साथियों ने इस घटना को अंजाम देने के लिए मुकेश को फोन करके बुलाया था। मामले में लोकेश ने विनोद गुर्जर, ईश्वर सिंह, नीलेश भैरव उर्फ मुकेश और 45 अन्य लोगों के खिलाफ डंडों और पाइप से हमला वन विभाग की गाड़ियां में तोड़फोड़ के दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए 9 धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को तलाश की जा रही है।
इसीलिए पशुओं को चराने से रोक रहे थे वनरक्षक
Mp news : यह घटना गुराडिया गुर्जर के बीट के कक्ष क्रंमाक 3 में हुई। यहां कुछ समय पूर्व वन विभाग के द्वारा प्लांटेशन किया गया था। इसे देखने के लिए ही बीट प्रभारी लोकेश राठौड़, वनरक्षक संदीप प्रजापति, साजिद खान, शनिश शर्मा और विजेंद्र ठाकुर ड्राइवर मोढ़सिंह गुजराती के साथ बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी 13 सीबी 8279 से यहां गए थे। और यह घटना घटी हो गई।
वनरक्षकों की घेरकर की पिटाई
आरोपियों ने वनकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया और लाठियों से पिटाई शुरू कर दी। करीब आधे घंटे तक तक वह बारी-बारी से पिटाई करते रहे। एक-एक वनकर्मी को पचास से ज्यादा लठ मारे गए। इसमें विजेंद्रसिंह के सिर में गहरी चोट आई। आरोपियों ने विभागीय वाहन में भी तोडफ़ोड़ की। साथ ही आरोपियों ने वनकर्मियों को दोबारा बीट में आने और मवेशियों को चराई से रोकने पर जान से मारने की धमकी दी।