कभी- कभी कोई पुलिसकर्मी संवेदन शीलता व कर्त व्यपरायणता की ऐसी मिसाल बन जाता है जिससे वर्दी की शान बढ़ जाती है और लोग कह उठते हैं कि वाह पुलिस हो तो ऐसी, कुछ ऐसा शहडोल जिले की बुढार पुलिस के सराहनीय कार्य की जमकर तारीफ हो रहे है। दर असल बुढार थाना क्षेत्र में रहने वाली झाड़ू बनाकर अपना जीवन यापन करने वाली महिलाओं से आधार कार्ड लेकर माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम चोरी छुपे उनके नाम से लाखो का लोन निकाल पैसा हड़पने वाले गिरोह का बुढार पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए महिलाओं का पैसा वापस दिला महिलाओं की खुशी लौटाई, इस फर्जी लोन के चक्कर में महिलाओं के टूटते रिस्तो को बुढार पुलिस ने जोड़कर महिलाओं के चेहरे पे खुशियां दिलाई,
बुढार थाना क्षेत्र की रहने वाली किरण कपाड़िया, आरती कपाड़िया, अनिता कापड़िया, द्रोपति चौधरी सहित अन्य ग्रहणी महिलाएं जो की झाड़ू बनाकर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करती है। इन सभी भोली भाली महिलाओं को बुढार क्षेत्र संचालित फ्यूजन और स्पंदना माईक्रो फायनेंस कंपनियों से संपर्क करके रेखा नामक महिला अपने साथियों के साथ मिलकर महिलाओं का समूह बनाया और समूह के नाम पर शासन से सुविधा दिलाने के नाम पर महिलाओं का आधार, पैन और एकाउण्ट डिटेल ले लिया और फायनेंस कंपनी से महिलाओं के नाम पर 50- 50 हजार के आस-पास लोन का आवेदन किया ,

जब राशि महिलाओं के खाते में आई तो, रेखा ने यह राशि अपने पति की होने का बहाना बनाया और महिलाओं को विश्वास में लेकर उनसे पूरा रूपया ले लिया ,जिसके बाद इस लोन की किस्त उन पीड़ित महिलाओं का भरना पड़ रहा था, जिससे महिलाओं का परिवार में पतियो से विवाद होने लगा ,जिसके महिलाएं घर छोड़कर अपनें मायके चली गई तो कुछ अपनें रिश्तेदारों के घर, इस दौरान पीड़ित महिलाओं ने खुद के साथ हुई ठगी की शिकायत बुढार थाने में किया, शिकायत मिलने के बाद बुढ़ार पुलिस सक्रिय हुई और चंद घंटो में ही फर्जी खाते खोलने वाली महिला को न सिर्फ थाने लाया गया, बल्कि माईक्रो फायनेंस कंपनी के जिम्मेदारों को भी तलब किया गया। जमा की गई किश्ते महिलाओं को लौटाई गई और लोन की बाकी राशि जमा करवाकर एनओसी दिलवा दी गई, जिससे टूटते परिवार वापस जुड़ गये और बेबस महिलाओं के चेहरे पर खुशियां लौट आई।
बुढार थाना प्रभारी संजय जायसवाल ने सामाजिक पुलिसिंग का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए पीडि़त महिलाओं और उनके परिजनों के बीच लोन के मामले में उपजे विवाद की पहले तो सुलह करवाई और फिर ठग महिला व माइक्रो फायनेंस कंपनी के कारिंदों को बैठाकर समझौता करा उनका पैसा लौटाया…