मध्य प्रदेश में 33 विभागों से संचालित 70 से अधिक योजनाओं पर लाल झंडी दिखा दी गई है। खाने का मतलब यह है कि 33 भाव की 70 योजनाएं अब तभी चल पाएंगे या लागू हो पाएंगे जब उन विभागों को वित्त विभाग हरी झंडी दिखाएंगी। मध्य प्रदेश में आर्थिक संकट है और योजनाओं का इतना ज्यादा लोड हो चुका है कि सभी योजनाओं के संचालन में सरकार के पसीने छूट रहे हैं। इसी समस्या से निजात पाने के लिए अब 70 से अधिक योजनाओं को जो कि कुल 33 विभाग की योजनाएं हैं, उन्हें ठंडा बस्ती में डाल दिया गया है।
किन योजनाओं पर पड़ा प्रभाव
एक जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब सड़क मरम्मत शहरी सड़कों के सुधार के लिए कायाकल्प योजना पीडब्ल्यूडी की सड़कों के सुधार को नियम नगरीकरण और नवीनीकरण के लिए वित्त विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य हो गया है, वही मुख्यमंत्री बालिका स्कूटी योजना लाखों किसानों में बताने वाला किसान बोनस योजना, संबल योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और ऐसी कई योजनाएं हैं जिन पर अब वित्त विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
क्या हुआ लाडली बहना योजना का
लाडली बहन योजना की हितग्राहियों के लिए राहत भरी खबर है क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा इस योजना पर कोई पाबंदी फिलहाल अभी नहीं लगाई गई है। लेकिन यदि आर्थिक संकट काम नहीं हुआ तो हो सकता भविष्य में लाडली बहन योजना पर भी सरकार की तलवार लटक जाए।