फ्रेंड्स हमारे देश के अंदर रेल का एक बड़ा नेटवर्क काम करता है.रेल का सफर न केवल इकोनामी है बल्कि यह बहुत सुरक्षित और सरल भी माना जाता है.हमारे देश में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और गुजरात की कक्षा से लेकर केईस्ट इंडिया तकट्रेन का ऐसा जार बढ़ा है कि रोज करोड़ों लोग अपने सफ़र को बहुत ही कम पैसे में तय करते हैं.एक आंकड़े के मुताबिक यह भी जानकारी निकलकर के सामने आ रही है कि हमारे देश में जितने लोग एक दिन में ट्रेन में सफर में होते हैं उतने लोग तो सिर्फ ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की जनसंख्या है.
टिकिट बुक करने के ये दो तरीके
फ्रेंड्स भारतीय रेल में सफर करने के लिएअगर रिजर्वेशन करवाना है तो इसके लिए कहीं भी भड़काने की जरूरत नहीं होती है यदि आपके पास कोई भी संसाधन मौजूद नहीं है तो आप सीधे काउंटर में पहुंच करके एक फॉर्म भर के अपना रिजर्वेशन करवा सकते हैं.या फिर आपके पास में अगर एंड्रॉयड फोन है या लैपटॉप कंप्यूटर है तो आप घर बैठे भी ऑनलाइन रिजर्वेशन कर सकते हैं.दोनों तरीके से रिजर्वेशन करना बहुत ही आसानहै.
क्या आप भी ऐसा सोचते हैं
जब आप ट्रेन की टिकट बुक करवाते हैंतब आपके साथ में दो चीज होती हैंयह तो आप ऑफलाइन टिकट बुक करवाते हैं या फिर ऑनलाइन टिकट बुक करवाते हैं.ऑनलाइन टिकट बुक करवाने के दौरान अगर आपको कंफर्मटिकट नहीं मिलती है तब जब ट्रेन अपने गंतव्य से डिपार्चर होती है उसे दौरान आपकीटिकट या तो कंफर्म हो जाती है या फिर स्वयं ही कैंसिल हो जाती है.ऑनलाइन टिकट के बारे में कहा जाता है कि अगर टिकट कंफर्म नहीं हुई तो उसे कैंसिल ही माना जाता है.और कुछ दिनों के बाद आपके खाते में राशि जमा हो जाती है.लेकिन यह भी कहा जाता है कि अगर अपने काउंटर से टिकट बुक करवाई है और आपकी टिकट कंफर्म नहीं हुई है तब भी आपकी टिकट रद्द नहीं होती है कैंसिल नहीं होती है.और आप उसे वेटिंग टिकट के साथ ही ट्रेन का सफर कर सकते हैं.लेकिन आज जानते हैं कि क्या वास्तव में आप उसे वेटिंग टिकट के साथ में ट्रेन का सफर कर सकते हैं.यह वेटिंग टिकट आपको कितने अधिकार देती है.क्या आपको कोई अलग से कोई पेनल्टी चुकानी पड़ती है तमाम जानकारी इस आर्टिकल में प्राप्त करेंगे.
रेलवे का यह नियम आपको जानना जरूरी
तो फ्रेंड्स आपको बता दें कि रेलवे की अब नियम बदल चुके हैं.अगर आपके पास में ऑफलाइन काउंटर से बनवाई गई ऐसी टिकट है जो कंफर्म नहीं हुई है और इसकी वेटिंग कन्फर्म ना होने के बाद आप रेल यात्रा कर रहे हैं.ऐसे में अगर आपटीटी के द्वारापूछे जाने पर जब आप वेटिंग टिकट दिखाते हैं तब आप पर टीटीई के द्वारा कार्रवाई की जा सकती है.यदि आप स्लीपर कोच में हैं तो आपसेआपका डेस्टिनेशन तक कास्लीपर कोर्स का किराया लिया जा सकता है.या फिर आप अगर इसी कोच में है तो आपसे इसी के हिसाब से किराया लिया जा सकता है.और पेनाल्टी जमा करने के बाद में हो सकता है आपको कंफर्मसीट मिले या ना मिले इसका दवा भी नहीं किया जा सकता.इसलिए जब भी आप यात्रा करें और आपका टिकट कन्फर्म ना हो तो आप टीटीई से मिलकर के जरूर अपनी टिकट के बारे में चर्चा कर ले.